प्रयागराज में पूरे 12 वर्षों के बाद महाकुंभ लगा है. कुंभ मेला में देश-विदेश से लाखों-करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु स्नान करने के लिए आ रहे हैं
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कुंभ मेला भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं का अद्वितीय पर्व है, जिसका इतिहास हजारों साल पुराना है
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अमेरिका, कनाडा, जापान, स्विट्जरलैंड, ऑस्ट्रेलिया, यूके, चिली और मॉरीशस सहित कई देशों से आए विदेशी संतों का बड़ा समूह शोभायात्रा में शामिल हुआ
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कनाडा से आई Elodie Barthoomieu ने कहा, महाकुंभ का हिस्सा बनकर मैं अपने जीवन के सबसे महत्वपूर्ण क्षण का अनुभव कर रही हूं
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ऑस्ट्रेलिया की आई केरी मेरियट ने कहा कि संगम में स्नान करते समय जो ऊर्जा महसूस हुई, वह मेरे लिए जीवनभर की Spiritual प्रेरणा रहेगी
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थाईलैंड की राजधानी बैंकाक से आए डेंटल सर्जन डाॅ. ता अपनी मां वोंग और बहन वा के साथ भारत की प्राचीन परंपराओं और अध्यात्म का अनुभव करने पहुंचे
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जर्मनी के स्टाइडलर ने रुद्राक्ष की माला धारण कर संगम में डुबकी लगाई और इसे अपने जीवन का अकल्पनीय अनुभव बताया
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महाकुंभ नगर में प्रथम अमृत स्नान हुआ. त्रिवेणी तट पर स्नान की फोटो, वीडियो व श्रद्धालुओं की प्रतिक्रिया वायरल हुई
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अब दूसरा अमृत स्नान मौनी अमावस्या के दिन किया जाएगा. मौनी अमावस्या 29 जनवरी को है. वहीं तीसरा और आखिरी अमृत स्नान 3 फरवरी को बसंत पंचमी के दिन किया जाएगा